मीठा खाना आपके लिए फायदेमंद या नुकसानदेह..?
खाने में मीठा खाना तो सभी को बहुत पसंद होता है । खास कर के मिठाई तो तो सभी को प्रिय होता है | पुराने समय में लोग भोजन करने के बाद मीठा जरूर खाते थे| आयुर्वेद भी कहता है कि खाना खाने के बाद मीठा जरुर खाना चाहिए । मीठा व्यंजन खाने पर मन जल्दी भरता नहीं जबकि और खाने की इच्छा होती है । हालांकि सभी के लिए मीठा फायदेमंद नहीं होता है । जिन लोगो को मधुमेह की शिकायत है उनको मीठा खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है । जो लोग व्यायाम नहीं कर पाते है और वजन कम भी करना चाहते है तो उनको मीठा कम खाना चाहिए । अत्यधिक मीठा खाने से कई प्रकार के रोग होने का खतरा बना रहता है।


मीठा खाने के क्या फायदे है ? (Meetha Khane ke Fayde)
मीठा खाने के फायदे :-
- मीठा उच्च रक्तचाप में फायदेमंद होता है – उच्च रक्च चाप होने पर अक्सर लोग डार्क चॉकलेट का सेवन करते है ।

- डार्क चॉकलेट ब्लड प्रेशर को कुछ हद तक कम करने में सहायक है । रोजाना 8 से 10 ग्राम डार्क चॉकलेट खाने से स्ट्रोक की समस्या कुछ प्रतिशत कम होता है।
मीठा खाने के नुकसान क्या है ? (Meetha Khane ke Nuksan)
मीठा खाने के कुछ नुकसान है :- - मीठा अत्यधिक प्रयोग करने से हड्डियों पर बुरा असर पड़ता है । कुछ शोध के मुताबिक लोग अपने भोजन में अधिक मीठी सामग्री शामिल कर लेते है, जिसके कारण हड्डिया कमजोर होने लगती है । जिसका परिणाम क्या हो सकता है कि थोड़ी सी भी चोट लगने पर हड्डिया फ्रैक्चर हो सकती है। इसके अलावा आप काम करने में जल्दी थक भी जाते है।
- अत्यधिक मीठी चीज़े खाने से हमारे इम्युनिटी पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। यह शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बनाता है और साथ ही बीमारियों का खतरा बढाता है । वैज्ञानिकों के मुताबिक मीठी चीज़े सफ़ेद कोशिकाओं पर दबाव डालती है । जो की बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करता है।
- अधिक मीठा खाने से दांतो में दर्द की समस्या होने लगती है। मीठा मसूड़ों में सड़न उत्पन करता है जो धीरे-धीरे पायरिया सहित अन्य रोगों को बढ़ावा देता है।


- अत्यधिक मीठे खाने से सुगर होने का खतरा रहता है, मीठे चीज़े रक्त शर्करा को बढ़ावा देते है और शुगर का स्तर बढ़ता है, मीठा इन्सुलिन बनने नहीं देता है।
- मीठा थोड़ा खाना नूकसानदायक नहीं होता है बल्कि अत्यधिक मीठा खाना शरीर के लिए नुकसानदेह होता है और साथ ही मोटापा को बढ़ावा देता है। मीठे में अत्यधिक मात्रा में कैलोरी होती है । जो ऊर्जा तो देती है लेकिन मोटापा भी बढ़ाती है । मोटापा अधिक होने पर बीपी शुगर, हडियो में कमजोरी जैसी समस्या होती है। आपको सही मात्रा में मीठे का सेवन कर सकते है।
आयुर्वेद के अनुसार भोजन के शुरुआत में तीखा खाने से पेट में पाचन तत्व तथा अम्ल सक्रिय हो जाते हैं। जिससे पाचन तंत्र तेज जाता है। भोजन की शुरुआत में तीखा खाने से जठराग्नि बढ़ जाती है जिसके चलते अच्छी भूख लगती है ।
मीठी चीजों में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है जो पाचन प्रक्रिया को धीमी कर देता है इसलिए खाना खाने के बाद मीठा खाने से पाचन प्रक्रिया दुरुस्त रहती है।


मीठा खाने से सेरोटोनिन नाम के हॉर्मोन का स्तर बढ़ता है। ये न्यूरोट्रांसमीटर का काम करता है जिससे मीठा खाने के बाद आपको खुशी जैसा अनुभव होता है । आयुर्वेद के अनुसार खाने के बाद मीठा खाने से अम्ल की तीव्रता कम हो जाती है जिससे पेट में जलन या एसिडिटी नहीं होती है |


